भारी पानी (Heavy water) - खोज , अणुसत्र भारी जल के उपयोग

भारी पानी (Heavy water)

यदि आप सामान्य जल मैं हाइड्रोजन की जगह ड्यूटीरियम जोड़ दे तो वह भारी जल का (D2O) अणुसूत्र बनता है इसे हम भारी जल के नाम से जानते हैं भारी पानी कहलाता है इसको भारी पानी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका द्रव्यमान = 20•0276 u होता है ऐसा इसलिए होता है ड्यूटीरियम का द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान का लगभग दोगुना होता है साधारण जल के 6000 बाग में भारी जल का एक भाग उपस्थित होता है।

भारी पानी की खोज 

सन 1932 में यूरे ने भारी जल की खोज की इसे भारी हाइड्रोजन का ऑक्साइड भी कहते हैं।

हाइड्रोजन के समस्थानिक

हाइड्रोजन परमाणु जिसमें तीन प्रकार के समस्थानिक होते हैं। इनमें से हाइड्रोजन 99.98% ड्यूटीरियम 0.15% तथा ट्राइटियम 0.001% सूक्ष्म मात्रा में उपस्थित होती हैं।

भारी पानी का सूत्र :-     D₂O 

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भारी जल का निर्माण विधियों

निम्नलिखित विधियों द्वारा भारी जल का निर्माण किया जाता है

  1. आंशिक द्रवण द्वारा
  2. सामान्य जल के प्रभाजी आसवन द्वारा
आंशिक द्रवण :- द्वारा भारी जल को सामान्य जल से आंशिक दरवन दवारा पृथक्करण किया जाता है।


सामान्य जल के प्रभाजी आसवन द्वारा :- सामान्य जल का आंशिक आसवन एक लंबे पर बातचीत स्तंभ में किया जाता है इस प्रक्रम को बार-बार दौर आने पर पत्र में हल्का वह आग पहले आसवित होता है जबकि भारी भाग बाद में आसवित होता है।

भारी जल के गुणधर्म (Properties of Heavy water)

भौतिक गुण :- भारी जल का क्वथनांक, गलनांक, वाष्पन एंथैल्पी घनत्व तथा श्यानता का मान साधारण जल से अधिक होता है भारी जल रंगहीन, गंधहीन व स्वादहीन द्रव होता है।

रासायनिक गुण:- भारी जल तथा साधारण जल के रासायनिक गुण गुण धर्म लगभग समान होते हैं भारी जल में उपस्थित O-D बंध, साधारण जल के O-H बंध की तुलना में अधिक मजबूत होता है जिसके कारण भारी जल की अभिक्रियाएं साधारण जल की तुलना ने धीरे धीरे होती है।

धातुओं के साथ अभिक्रिया : भारी जल धातुओं के साथ अभिक्रिया कर ड्यूटीरियम गैस उत्पन्न करता है

                   2NaO + 2D₂O → 2NaOD + D₂

धात्विक ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया : भारी जल सोडियम ऑक्साइड से अभिक्रिया कर सोडियम ड्यूटीरोऑक्साइड बनाता है।

                Na₂O + D₂O → 2NaOD
अधात्विक ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया : भारी जल सल्फर ट्राईऑक्साइड के साथ अभिक्रिया कर ड्यूटीरोसल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण करता है।

                SO₃+ D₂O →D2SO4
धात्विक कार्बाइड के साथ अभिक्रिया : भारी जल धात्विक कार्बाइन के साथ अभिक्रिया कर ड्यूटीरोमेथेन देता है।

           Al4C3 + 12D₂O→4Al(OD)3 + 3CD4


भारी जल के उपयोग (Use of Heavy Water)

नाभिकीय क्रिएटर में न्यूट्रॉन की गति को कम करने के लिए मंदक के रूप में उपयोग किया जाता है।
भारी जल विभिन्न रासायनिक अभिक्रिया तथा जैवतंत्र के अध्ययन में ट्रेसर के रूप में प्रयुक्त किया जाता है
भारी जल का उपयोग ड्यूटीरियम बनाने में उपयोग किया जाता है।
आयनित तथा अनआयनित हाइड्रोजन के विवेदन में उपयोग किया जाता है।
ड्यूटीरियम के अनेक यौगिक बनाने में किया जाता है।

भारी पानी (Heavy water) - खोज , अणुसत्र भारी जल के उपयोग भारी पानी (Heavy water) - खोज , अणुसत्र भारी जल के उपयोग Reviewed by shirswastudy on November 12, 2019 Rating: 5

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