Human Mouth anatomy  

आहारनाल का अग्र भाग से प्रारंभ होकर मुख-गुहा में खुलता है। यह एक कटोरे नुमा (Boul shaped)अंग हैं। इसके ऊपर कठोर तथा नीचे कोमल तालु पाए जाते हैं। मुख गुहा में ही चारों ओर गति कर सकने वाली पेशी निर्मित जिह्वा पाई जाती हैं। जिह्वा मुख गुहा के पृष्ठ भाग में आधार तल से फ्रेनुलम लिंगुअल (Frenulum lingual) या जिह्वा फ्रेनुलम (Frenulum) के द्वारा जुड़ी जाती है तथा मुख गुहा के मध्य भाग तक जाती हैं।
मुख दो मॉसल होठों (Lips) से घिरा रहता है जो मुख को खोलने बंद करने तथा भोजन को पकड़ने में सहायक होते है।मुख के ऊपर व नीचे के भाग में एक-एक जबड़े में 16-16 दाँत पाए जाते हैं। सभी दाँत जबड़े में पाए जाने वाले एक साँचे में स्थित होते है। इस साँचे को मसूडा़ (Gum) कहा जाता हैं। मसूड़ों तथा दाँतों की इस स्थिति को गर्तदंती (Thecodont) कहा जाता है। मानवों में द्विबारदंती (Diphyodont) दाँत व्यवस्था पाई जाती हैं जिसमें जीवन काल में दो प्रकार के दाँत आते है अस्थायी दाँत (दूध के दाँत) तथा स्थायी दाँत

दाँत चार प्रकार के होते हैं

  1. कृंतक (Incisors )
  2. रदनक Canines)
  3. अग्र-चवर्णक (Premolars)
  4. चवर्णक (Molars)
कृंतक (Incisors) ये सबसे आगे के दाँत होते है जो कुतरने तथा काटने का कार्य करते है। ये छ: माह की उम्र में निकलते हैं।


रदनक (Canines)ये दाँत भोजन को चीरने फाडने का कार्य करते हैं। ये 16-20 माह की उम्र में निकलते हैं। ये प्रत्येक जबड़े में 2-2 होते है मांसाहारी पशुओं में ज्यादा विकसित होते हैं।


अग्र-चवर्णक (Premolars)ये भोजन को चबाने में सहायक होते हैं। तथा प्रत्येक जबड़े में 4-4 पाए जाते है ये 10-11 वर्ष की उम्र में पूर्ण रूप से विकसित होते हैं।

चवर्णक (Molars) ये दाँत भी भोजन चबाने में सहायक होते है तथा प्रत्येक जबड़े में 6-6 पाए जाते है प्रथमत ये 15-16 माह की उम्र में निकलते है। 

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