Large intestine (anatomy)

बड़ी आंत (large intestine)  छोटी आंत के इलियम भाग से जुड़ता है। बड़ी आंत के प्रकार , कार्य आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

Large intestine


बड़ी आंत के कार्य (work of Large intestine)


क्षुदांत्र (Ileum) आगे बड़ी आँत से जुड़ा होता हैं। यहाँ कुछ विशेष जीवाणु पाए जाते हैं। ये जीवाणु छोटी आँत से शेष बचे अपाचित भोजन को किण्वन क्रिया (Fermentation) द्वारा सरलीकृत कर पाचन में मदद करते हैं। बड़ी आँत का मुख्य कार्य जल व खनिज लवणों का अवशोषण करता है तथा अपाचित भोजन को मलद्वार से उत्सर्जित करना हैं।

तीन भागों में विभक्त किया गया हैं


  1. अधान्त्र अथवा अंधनाल या सीकम (Cecum)
  2. वृहदान्त्र या कॉलन (Colon)
  3. मलाशय  (Rectum)

  1. अधान्त्र अथवा अंधनाल या सीकम (Cecum) यह भाग क्षुदांत्र (Ileum) से जुड़ा होता हैं। यहाँ क्षुदांत्र से आने वाले पाचित आहार रस का अवशोषण होता हैं तथा शेष बचे अपशिष्ट को आगे कॉलन (Colon) में पहुँचा दिया जाता हैं। अंधनाल के प्रथम भाग (जो क्षुदांत्र से जुड़ा होता हैं) से थोड़ा नीचे भीतर की ओर होता है। तथा 4-5 इंच लंबा नली के आकार का अंग निकला रहता हैं। इसे कृमिरूप परिशेषिका (Vermiform appendix) अपेन्डिक्स कहा जाता हैं।
  2. वृहदान्त्र या कॉलन (Colon) आहार नाल मे बड़ी आँत का अंधान्त्र के आगे वाला भाग वृहदान्त्र कहलाता हैं यह उल्टे U के आकार की करीब 1.3 मीटर लंबी नलिका होती हैं। अन्दर की सतह पर सूक्ष्म अंकुर (Microvilli) नहीं होते हैं तथा गोबलेट कोशिका (Goblet cell ) म्यूकस स्त्रावित करती है।

वृहदान्त्र (कॉलन) चार भागों में विभक्त होती हैं 
(अ) आरोही वृहदान्त्र (Asending colon) करीब 15 सेंटीमीटर लंबी नलिका होती हैं।

(ब) अनुप्रस्थ वृहदान्त्र (Transverse colon) करीब 50 सेंटीमीटर लंबी नलिका होती हैं।

(स) अवरोही वृहदान्त्र (Descending colon) करीब 25 सेंटीमीटर लंबी नलिका होती है।

(द) सिग्माकार वृहदान्त्र (Sigmoid colon) करीब 40 सेंटीमीटर लंबी नलिका होती हैं।

3. मलाशय (Rectum) मलाशय आहारनाल का अंतिम भाग होता हैं। यह करीब 20 सेंटीमीटर लंबा होता हैं। मलाशय के अंतिम 3 सेंटीमीटर वाले भाग को गुदानाल(Anal canal) कहा जाता हैं। गुदानाल मलद्वार (Anus) के रास्ते बाहर खुलता हैं। मलद्वार पर आकर आहारनाल समाप्त होती हैं। गुदानाल में दो संवरणी बहि: और अतः संवरणी (Sphicters) पाए जाती हैं। पाचित आहार रस के अवशोषण के पश्चात शेष बचे अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती हैं अपशिष्ट पदार्थों कि निकलने की प्रक्रिया को ये संवरणी पेशियाँ (Embolic muscles)  नियंत्रित करती हैं।


बड़ी आंत का कार्य



  • खनिज लवण, जल तथा औषधि,  का अवशोषण (Absorption) करती हैं।
  •  श्लेष्म एन्जाइम द्वारा मलद्वार को चिकना बनाती हैं।

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