Secondary cell । द्वितीयक सेल किसे कहते हैं?

द्वितीयक सेल (Secondary cell)

जिन बैटरियों को पुनः आवेशित करके पुनः विद्युत ऊर्जा ली जा सकती हैं उन्हें पुनर्भरणीय बैटरी (rechargeable battery)कहा जाता हैं इन्हें द्वितीयक सेल (secondary sell)कहा जाता हैं। rechargeable बैटरियाँ विभिन्न प्रकार की होती हैं। छोटी बैटरी से लेकर मेगावाट शक्ति प्रदान करने वाली बैटरी भी होती हैं 
इन सेलों में विद्युत ऊर्जा (Electrical energy) को रासायनिक ऊर्जा (chemical energy) में तथा रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर सकते हैं।अर्थात् इन सेलों को एक बार उपयोग में लेने के बाद पुनः आवेशित कर सकते हैं। इन सेलों में रासायनिक क्रिया उत्क्रमणीय (Reversible) होता हैं।
उदाहरण :- एडीसन सेल (Basic ) एवं लोहा निकल सेल, सीसा संचायक सेल

सीसा संचायक सेल (Lead Accumulator)

इसमें कई ग्रिडनुमा ( जालीदार) सीसे की पट्टियाँ होती हैं। जिनमें लेडमोनोऑक्साइड ( लिथार्ज,pbo)और गन्धक अम्ल का पेस्ट भर दिया जाता हैं। ये पट्टियाँ एकान्तर क्रम में आपस में जुड़ी होती हैं। पट्टियाँ को तनु गन्धक - अम्ल ( सल्फयूरिक अम्ल H2so4)से (आपेक्षिक घन्तव 1.18)भरे काँच आयताकार बर्तन में डुबोकर रखा जाता हैं पट्टियाँ पर चढ़ा लिथार्ज,गन्धक से क्रिया करके लेड सल्फेट(PbO2) बना देता है।

Pbo+h2so4 → pbso4  +h2o

आवेशित करना (charging of the cell) 

इन सेल को विद्युत स्त्रोत या battery चार्जर से चार्ज में जोड़ देते हैं। सेल में धारा प्रवाहित होने के कारण अम्लीय जल का विद्युत अपघटन होता हैं।
              H2so4     →    2H+    +    so4--

हाइड्रोज आयन (2h+) ऋण प्लेट की और तथा सल्फेट आयन (so4- -) धन  प्लेट की और चलने लगते  है। 

नोट 


  1. सेल पूर्णतया आवेशित होने पर गन्धक के तनु अम्ल का आपेक्षिक घन्तव 1.18 से बढ़कर 1.25 हो जाता है 
  2. सेल का विद्युत वाहक बल 2.2 volt हो जाता हैं।

प्राथमिक सेल के लिए click here

Secondary cell । द्वितीयक सेल किसे कहते हैं? Secondary cell । द्वितीयक सेल किसे कहते हैं? Reviewed by Rajesh shirswa on February 09, 2019 Rating: 5

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