Renewable Energy sources examples

(Renewable Energy)नवीनीकरण ऊर्जा या अक्षय ऊर्जा वे सारी ऊर्जा शामिल हैं जो प्रदूषण कारक नहीं है तथा जिनके स्त्रोत का क्षय नहीं होता है,या जिनके स्त्रोत का पुनः भरण होता रहता हैं। ज्वारीय ऊर्जा (Tidal energy), बायोमास ऊर्जा, सौर ऊर्जा (solar energy), पवन ऊर्जा, जल विद्युत ऊर्जा, जैव ईंधन आदि नवीनीकरण ऊर्जा (renewable energy) के कुछ उदाहरण हैं।

Renewable Energy ऊर्जा के पारंपरिक ( परंपरगत ) स्त्रोत -

A.  जीवाश्म ईंधन
B.  ताप विद्युत संयंत्र
C.  जल विद्युत संयंत्र
D.  जैव मात्रा / जैव संहिता / बायो गैस (Bio ges)
E.  पवन ऊर्जा

A.  जीवाश्मी ईंधन (fossil fuel ):—

  • अनवीकरणीय स्त्रोत 
  • जीवाश्मी ईंधन जलाने से हानियाँ होती हैं।
  • जीवाश्मी ईंधन जलाने से (C, N, S ) कार्बन, नाइट्रोजन, सल्फाइड के ऑक्साइड मुक्त होते है  व अम्लीय वर्षा के कारण बनता हैं।
  • जीवाश्मीय ईंधन जलने से वायु प्रदूषण होता है। 
  • आगरा के ताजमहल का खराब होने के कारण - सल्फाइड ऑक्साइड, सल्फयूरिक अम्ल का गिरना (stone canser) का कारण बनता हैं।

B.  ताप विद्युत संयंत्र (Thermal Power Plant)

  • अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत 
  • तापीय ऊर्जा ( उष्मीय ऊर्जा) [Thermal energy] से विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जाता हैं।
  • जीवाश्मीय ईंधन का दहन करके जल उबालकर भाप बनाई जाती है तथा जनित्र ( Generator) के टरबाइन को घुमाते हैं।
  • ताप विद्युत संयंत्र कोयले (Coal) तथा तेल के क्षेत्रों के निकट होते है,क्योंकि कोयले का परिवहन करना कठिन होता है,जबकि विद्युत का परिवहन माध्यम सरल होता  है।

C.  जल विद्युत संयंत्र (Hydroelectric power plant)

विद्युत,जल से उत्पन्न (Hydroelectric)  जल से प्राप्त की गई विद्युत शक्ति को जलविद्युत कहते हैं। 
  • विश्व की संपूर्ण विद्युत शक्ति का (1/3) भाग जल विद्युत के रूप में प्राप्त होता हैं।
  • संभावित जल- विद्युत परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हिमालय पर्वत के सहारे पश्चिमी कश्मीर से लेकर पूर्ण में असम के पहाड़ी क्षेत्रों तक फैला हैं।
  • नवीनीकरण ऊर्जा स्रोत 
  • बहते जल की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) या किसी ऊँचाई पर स्थित जल की स्थितिज ऊर्जा से जल विद्युत संयंत्र चलाए जाते हैं।
  • ये संयंत्र बाँधों (Dam) से संबंध( निकट) होते हैं।
  •  गंगा नदी पर टिहरी बाँध एवं नर्मदा नदी पर सरदारसरोवर बाँध जल समस्या के कारण चर्चा में आया।
  •  कोटा (राजस्थान) के निकट  राणा प्रताप सागर एवं जवाहर सागर, चंबल नदी पर स्थित जल विद्युत केंद्र हैं।
  • एशिया में भारत पहला ऐसा देश है जहाँ सौर ऊर्जा का निर्माण किया गया। भुज (गुजरात) में सौर तालाब परियोजना है 
  • विश्व का प्रथम जलविद्युत केंद्र 1883 ई. में फ्रांस में स्थापित किया गया था 
  • Switzerland में एक मात्र ऊर्जा का स्त्रोत जलविद्युत  हैं


प्रमुख परियोजनाएँ 

  1. भाखडा़ नांगल बांध ( सतलज नदी  )
  2. दामोदर घाटी निगम (DVC) ( दामोदर नदी)
  3. हीराकुड योजना ( महानदी  )
  4. शारावती
  5. नागार्जुन सागर परियोजना 
  6. प्रताप सागर परियोजना 
  7. सरदार सरोवर परियोजना 
  8. इन्दिरा सागर परियोजना 
  9. नाथपा झाकडी़ जलविद्युत परियोजना 
  10. सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड ( एसजेवीएन  )
  11. व्यास परियोजना ( व्यास नदी  )
  12. चम्बल परियोजना  ( चम्बल नदी  )
  13. तुंगभद्रा परियोजना  ( तुंगभद्रा नदी  )
  14. व्यास परियोजना 

D.  जैव मात्रा / जैव संहिता / बायो गैस (Bio ges)

  • नवीनीकरण स्त्रोत 
  • पादप एवं जन्तु के उत्पाद जो ज्वलनशील हो सकते है,उन्हें जैव संहित (Biochar) कहते हैं।
  • फसलों (crops) के अवशिष्ट,सब्जियों के अवशिष्ट, गोबर वाहितमल जब ऑक्सीजन(o) की अनुपस्थिति में अपघटित होता है तो बायोगैस निकलती हैं यह किण्वन विधि द्वारा गैस का निर्माण होता है इस गैस को गोबर गैस भी कहते हैं।
  • बायो गैस / गोबर गैस में मुख्यतः मीथेन गैस (CH4) 75% पाई जाती है इसके अलावा अन्य घटक ( कार्बन डाई ऑक्साइड, हाइड्रोज, नाइट्रोजन) पाई जाती हैं।
  • मिथेन, धुआँ उत्पन्न किए बिना जलता हैं।

E.  पवन ऊर्जा (Wind energy)

पवन ऊर्जा बनाने के लिये हवादार जगहों पर पवन चक्कियों को लगाया जाता है, जिनके द्वारा वायु की गतिज ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा या विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती हैं।

  •  नवीनीकरण ऊर्जा स्रोत 
  • बहुत सी पवन चक्की लगा कर विद्युत का उत्पादन किया जाता हैं, इन क्षेत्रों को पवन ऊर्जा फार्म कहते हैं ।  
  • पवन ऊर्जा का मुख्य उपयोग कुएँ से पानी निकालना, गेहूँ पीसने वाली चक्की, तेल की घाणी में, विद्युत ऊर्जा / बिजली के उत्पादन में 
  • डेनमार्क पवनो का देश कहलाता हैं।
  • तमिलनाडु (भारत) में कन्याकुमारी के समीप पवन ऊर्जा (Windpower) फार्म 380 मेगावाट विद्युत का उत्पादन करता हैं।
  • पवन की minimum चाल 15 किलोमीटर / घण्टा से अधिक होनी चाहिए।
  • एक मेगावाट generator के लिए 2 हैक्टेयर भूमि चाहिए।
  • राजस्थान के संदर्भ प्रथम पवन विद्युत योजना(अमर सागर) जैसलमेर में स्थापित की गई,जिसकी क्षमता 2 मेगावाट हैं इसके अलावा चितौड़गढ़ में देवगढ़ के पास भी पवन ऊर्जा फार्म स्थापित है जिसकी क्षमता 2 मेगावाट हैं 
  • भारत में पवन ऊर्जा (Windpower) का उपयोग सबसे कम किया जाता हैं

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