लेंस क्या है? What is a lens?

आपने अधिकांश लोगों को चश्मा लगाए हुए देखा होगा और यह भी देखते हैं कुछ बच्चों को बोर्ड पर लिखा हुआ स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। ऐसे बच्चों को चश्मा लगाने की सलाह दी जाती है। आपने कभी सोचा है ? चश्मे में ऐसा क्या है? जिससे स्पष्ट दिखाई देता है। चश्मे में लेंस लगे होते है।

प्रकाश की किरणों को फोकसित करने के लिये अधिकांशतः हम पारदर्शक पदार्थ के ऐसे टुकड़े काम में लेते है जिनके एक अथवा दोनों पृष्ठ वक्र हो। इन अपवर्तक पदार्थों को लेंस कहते हैं एवं इनका कम से कम एक पृष्ठ वक्र होता है। दो वक्र पृष्ठों से घिरा हुआ पारदर्शक माध्यम लेंस कहलाता है। सामान्यतः लेंस में गोलीय वक्र पृष्ठों का उपयोग किया जाता है।

लेंस दो प्रकार के होते हैं।
  1. उतल लेंस या अभिसारी लेंस (Convex lens)
  2. अवतल लेंस या अपसारी लेंस (Concave lens )

1. उतल लेंस या अभिसारी लेंस (Convex lens)

ऐसा लेंस जो किनारो पर पतला व बीच में मोटा होता है, उसे उत्तल लेंस कहते है। उत्तल लेंस समांतर आने वाली प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केन्द्रित (अभिसारित) करता है। इसी कारण इसे अभिसारी लेंस भी कहते है।

मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश किरणें उत्तल लेंस से अपवर्तन के बाद मुख्य अक्ष के जिस बिंदु पर एकत्रित होती है, उसे उत्तल लेंस का फोकस बिंदु ( F) कहते हैं।
एक उत्तल लेंस तथा एक कागज लीजिए। सूर्य का प्रकाश उत्तल लेंस से गुजार कर कागज पर इस प्रकार डालिए कि वह एक बिंदु पर केंद्रित हो जाए। तब तक रूके रहिए जब तक कि कागज जलने न लग जाए 

सावधानी:-

सूर्य को या किसी चमकीले प्रकाश को लेंस से देखना खतरनाक है। इससे आँखों को क्षति हो सकती है। आपको उत्तल लेंस से सूर्य के प्रकाश को अपने शरीर के किसी भाग पर केंद्रित नहीं करना चाहिए। इससे त्वचा जल सकती है।

उत्तल लेंस किनारो पर पतले एवं बीच से मोटे होते है एवं समांतर प्रकाश किरणों को अपवर्तन के पश्चात एक स्थान पर फोकसित कर देते है। 

उत्तल लेंस तीन प्रकार के होते हैं।


  1. उभयोत्तल लेंस (Double convex lens)
  2. समतलोत्तल लेंस (Plano convex lens)
  3. अवतलोत्तल लेंस (Concave convex lens)

1. उभयोत्तल लेंस (Double convex lens)

इनके दोनों पृष्ठ उत्तल होते हैं।

2. समतलोत्तल लेंस (Plano convex lens)

इनका एक पृष्ठ उत्तल एवं अवतल एक पृष्ठ समतल होता हैं 

3. अवतलोत्तल लेंस (Concave convex lens)

इनका एक पृष्ठ अवतल एक एवं पृष्ठ उत्तल होता हैं 

गोलीय पृष्ठ की वक्रता लगभग बराबर होने की अवस्था में एक उभयोत्तल लेंस की फोकसन क्षमता दूसरे दोनों लेंस से ज्यादा होती हैं।

2. अवतल लेंस (Concave lens)

ऐसा लेंस जो किनारो पर मोटा व बीच में से पतला हो,अवतल लेंस कहलाता है। यह लेंस समांतर आने वाली प्रकाश किरणों को फैला देता है (अपसारित करता है) इसी कारण इस लेंस को अपसारी लेंस भी कहते हैं।

समान्तर किरणों को अपवर्तन के पश्चात अपसारित कर देते है। इन अपवर्तित किरणों को पीछे की ओर बढा़ने पर वे मिलती हुई प्रतीत होती हैं। 
लेंस में से गुजरने वाली प्रकाश किरणें अपने पथ से विचलित हो जाती है। अतः हम कह सकते हैं कि लेंस प्रकाश का अपवर्तन करता है।

अवतल लेंस तीन प्रकार के होते हैं।

  1. उभयावतल लेंस (Double concave lens)
  2. समतलावतल लेंस (Plano concave lens)
  3. उत्तलावतल लेंस (Convexo concave lens)

1. उभयावतल लेंस (Double concave lens)

इनके दो पृष्ठ अवतल होते हैं।

2. समतलावतल लेंस (Plano concave lens)

इनका एक पृष्ठ समतल एवं दूसरा पृष्ठ अवतल होता हैं।

3. समतलावतल लेंस (Convexo concave lens)

इनका एक पृष्ठ उत्तल एवं दूसरा पृष्ठ अवतल होता हैं।


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