Type Here to Get Search Results !

add area

परसर्ग रहित होने पर एकवचन एवं बहुवचन में समान रूप से प्रयुक्त होते हैं?

0
परसर्ग रहित एकवचन-बहुवचन में समान रूप से प्रयुक्त होते हैं? | Shirsw Study

किस विकल्प में सभी शब्द परसर्ग रहित होने पर एकवचन एवं बहुवचन में समान रूप से प्रयुक्त होते हैं?

(RPSC SI Re-Exam 2021 held on 20 September 2026 Paper )
किस विकल्प में सभी शब्द परसर्ग रहित होने पर एकवचन एवं बहुवचन में समान रूप से प्रयुक्त होते हैं?
A
बात, मुनि
B
आत्मा, जामाता
C
मामा, झील
D
देवता, शाला

व्याख्या

सही उत्तर: (B) आत्मा, जामाता

परसर्ग रहित प्रयोग: जब संज्ञा शब्द के साथ कोई परसर्ग (का, को, से, में, पर आदि) नहीं लगा होता, तो उसे परसर्ग रहित कहते हैं। कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनके एकवचन और बहुवचन दोनों में समान रूप होता है।

  • (A) बात, मुनि – 'बात' का बहुवचन 'बातें' होता है, अतः एकवचन-बहुवचन में समान नहीं है। 'मुनि' का बहुवचन 'मुनि' या 'मुनियाँ' हो सकता है, परन्तु 'बात' के कारण यह विकल्प असंगत है।
  • (B) आत्मा, जामाता – 'आत्मा' का एकवचन और बहुवचन दोनों में 'आत्मा' ही रहता है (जैसे – आत्मा अमर है / आत्मा अमर हैं)। 'जामाता' का भी एकवचन और बहुवचन दोनों में 'जामाता' ही प्रयुक्त होता है। अतः यह विकल्प सही है।
  • (C) मामा, झील – 'मामा' का बहुवचन 'मामे' होता है, तथा 'झील' का बहुवचन 'झीलें' होता है। अतः ये समान रूप से प्रयुक्त नहीं होते।
  • (D) देवता, शाला – 'देवता' का बहुवचन 'देवता' या 'देवतागण' हो सकता है, परन्तु 'शाला' का बहुवचन 'शालाएँ' होता है। अतः यह विकल्प भी असंगत है।

अतः विकल्प (B) सही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad

Bottom Post Ad

Ads Area