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समश्रुत–भिन्नार्थक शब्दों का क्रमशः संगत अर्थ नहीं है | Shirsw Study

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समश्रुत–भिन्नार्थक शब्दों का क्रमशः संगत अर्थ नहीं है समश्रुत–भिन्नार्थक शब्द – सही विकल्प | Shirsw Study

समश्रुत–भिन्नार्थक शब्दों का क्रमशः संगत अर्थ नहीं है –

(RPSC SI Re-Exam 2021 held on 20 September 2026 Paper )
समश्रुत–भिन्नार्थक शब्दों का क्रमशः संगत अर्थ नहीं है –
A
आधि – आधी = चिन्ता – दो बराबर हिस्सों में से एक
B
थाति – थाती = स्थिरता – धरोहर
C
तोषक – तोशक = संतुष्ट करने वाला – हल्का गद्दा
D
अशन – अशनि = वज्र – भोजन

व्याख्या

सही उत्तर: (D) अशन – अशनि = वज्र – भोजन

समश्रुत–भिन्नार्थक शब्द: जिन शब्दों का उच्चारण लगभग एक जैसा होता है, किंतु उनके अर्थ भिन्न-भिन्न होते हैं, उन्हें समश्रुत–भिन्नार्थक शब्द कहते हैं।

  • (A) आधि – आधी = चिन्ता – दो बराबर हिस्सों में से एक – 'आधि' का अर्थ चिन्ता/मानसिक पीड़ा और 'आधी' का अर्थ दो बराबर भागों में से एक आधा भाग है। यह युग्म सही है।
  • (B) थाति – थाती = स्थिरता – धरोहर – 'थाति' का अर्थ स्थिरता और 'थाती' का अर्थ धरोहर/अमानत है। यह युग्म सही है।
  • (C) तोषक – तोशक = संतुष्ट करने वाला – हल्का गद्दा – 'तोषक' का अर्थ संतुष्ट करने वाला और 'तोशक' का अर्थ हल्का गद्दा है। यह युग्म सही है।
  • (D) अशन – अशनि = वज्र – भोजन – यहाँ क्रम गलत है। 'अशन' का अर्थ भोजन और 'अशनि' का अर्थ वज्र है। अतः सही क्रम 'अशन – अशनि = भोजन – वज्र' होना चाहिए। दिए गए विकल्प में अर्थ उलटे दिए गए हैं, इसलिए यही असंगत युग्म है।

अतः विकल्प (D) सही है।

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