दल शिक्षण विधि या टोली शिक्षण विधि

दल शिक्षण अंग्रेजी के शब्द Team teaching से बना है इसका शाब्दिक अर्थ है, किसी दल द्वारा शिक्षण कार्य किया जाना 

दल शिक्षण में एक अध्यापक के स्थान पर विभिन्न क्षेत्रों के दक्ष अध्यापकों एवं उसके सहायक होते हैं। यह दल विषय वस्तु एवं विद्यार्थियों की आवश्यकतानुसार शिक्षण कार्य को प्रभावी रूप से संपादित करते हैं।


इस विधि का सर्वप्रथम प्रयोग 1955 में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में किया गया।

दल शिक्षण विधि - Team Teaching Method

दल शिक्षण का अर्थ (Meaning of Team Teaching)

दल शिक्षण में दो या दो से अधिक अध्यापक मिलकर किसी कक्षा की अध्यापन संबंधी योजना बनाते हुए उसे क्रियान्वित करते हैं तथा उसका मूल्यांकन करते हैं। यह मूलतः इस धारणा पर आधारित है कि एक अध्यापक की तुलना में कुछ अध्यापक मिलकर अध्यापन कार्य करें तो उसके परिणाम अधिक अच्छे होते हैं। इस विधि का सबसे बड़ा गुण यह है कि इसमें विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के अनुभव प्राप्त होते हैं।

दल शिक्षण से अभिप्राय शिक्षकों के दल के द्वारा कक्षा में विद्यार्थियों के शिक्षण से हैं इसमें एक प्रमुख शिक्षक होता है। यह शिक्षक विषय वस्तु का प्रस्तुतीकरण करता है। अन्य शिक्षक आवश्यकतानुसार कक्षा में एक निश्चित कर्म में अध्यापन करते हैं। इस प्रकार यह एक संगठनात्मक विधि है जिसके अंतर्गत कई व्यक्ति मिलकर शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु सम्मिलित प्रयास करते हैं यदि कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक हो तो एक ही अध्यापक के लिए कक्षा पर नियंत्रण नहीं होता ऐसी स्थिति में दो या दो से अधिक अध्यापक हो तो विद्यार्थियों पर समुचित ध्यान दिया जा सकता है।

दल शिक्षण की परिभाषाएं (Definition of Team Teaching)

डेविड – “जिसमे कई शिक्षक अपने स्रोतों, अभिरुचियों तथा योग्यताओं एवं दक्षताओं को एकत्र करते हैं और छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षकों की एक टोली द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। वे विद्यालय की सुविधाओं का समुचित उपयोग करते हैं।“

जे.पी.पुरोहित दो या अधिक अध्यापक मिलकर नियमित रूप से किसी कक्षा का अध्यापन सम्बंधी योजना बनाते हैं, उसे क्रियान्वित करते हैं तथा उसका मूल्यांकन करते हैं।

दल शिक्षण के सोपान

  1. योजना
  2. व्यवस्था
  3. मूल्यांकन

दल शिक्षण के सिद्धांत ( Principal of Team Teaching)

  1. शिक्षकों की योग्यता अनुसार चयन करना
  2. समय सीमा निर्धारण
  3. छात्रों की व्यक्तिगत विभिन्नताओं का ध्यान
  4. उपयुक्त वातावरण तैयार करना
  5. पूर्वज्ञान के आधार पर अनुदेशन का स्तर निर्धारण
  6. सम्पूर्ण शिक्षण कार्यों का निरन्तर पर्यवेक्षण करना
  7. छात्रों को सक्रिय रखना।
  8. समूह के आकार का निर्धारण

दल शिक्षण के उद्देश्य (Objective of Team Teaching)

  • विषय के विभिन्न विशेषज्ञों का लाभ प्राप्त करना
  • नवीन तरीके से शिक्षण प्रदान करना
  • विभिन्न विषयों में समन्वय स्थापित करना
  • विद्यालय में संगत भावना का विकास
  • छात्रों में अध्ययन अध्यापन आदतों का निर्माण
  • विद्यालय के समस्त मानवीय एवं भौतिक साधनों का समुचित उपयोग करना।

दल शिक्षण की विशेषताएं (Characteristics of Team Teaching)

  • इस विधि में दो या दो से अधिक शिक्षक कार्य करते हैं।
  • दल शिक्षण में कक्षा पर नियंत्रण स्थापित रहता है
  • मुख्य उद्देश्य शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाना है
  • दल शिक्षण छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में अधिकाधिक ज्ञान मिलता

 

दल शिक्षण के लाभ (Advantages of Team Teaching)

  • शिक्षकों का अभाव
  • ज्ञान में वृद्धि
  • पाठ्यक्रमों में परिवर्तन
  • विज्ञान की प्रगति
  • छात्र संख्या में वृद्धि
  • नवीन शिक्षण योजनाओं का विकास

दल शिक्षण की सीमाएं (Limitations of Team Teaching)

  • समन्वय स्थापना में कठिनाई
  • सहयोग की भावना अनिवार्य
  • अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता
  • आर्थिक भार
  • स्वतंत्र शिक्षण का हनन

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