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विद्यालय शब्द रूप | Vidhalya Shabd Roop - Shirswastudy

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विद्यालय शब्द रूप ( Vidhalya Shabd Roop)

शब्द रूप का तात्पर्य संज्ञा एवं सर्वनाम शब्दों के रूपों से हैं। शब्द रूप लिंग तथा वचन अन्तिम स्वर व्यंजन के अनुसार शब्दों के रूप चलते हैं। देेव (देवता) शब्द रूप अकारान्त जिन शब्दों के अन्त में – अकारांत (अ) ध्वनि सुनाई देती है वे शब्द अकारान्त शब्द होते हैं। इसी प्रकार बालक,राम,वृक्ष भक्त, ईश्वर,लोक, दिवस, सूर्य, शिष्य,सुर, असुर,मानव, शुद्ध, क्षत्रिय, ब्राह्मण,गज अश्व आदि

विद्यालय के शब्द रूप 

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा विद्यालय: विद्यालयौ विद्यालया:
द्वितीया विद्यालयम् विद्यालयौ विद्यालयान्
तृतीया विद्यालयेन विद्यालयाभ्याम् विद्यालयै:
चतुर्थी विद्यालयाय विद्यालयाभ्याम् विद्यालयेभ्य:
पंचमी विद्यालयात् विद्यालयाभ्याम् विद्यालयेभ्य:
षष्ठी विद्यालयस्य विद्यालययों: विद्यालयानाम्
सप्तमी विद्यालये विद्यालयों: विद्यालयेषु
सम्बोधन हे विद्यालय! हे विद्यालयौ! हे विद्यालया:
ज्ञातव्य - इसी प्रकार
सूर्य, खग, पर्वत आदि के रूप राम विभक्ति की तरह चलेंगे।
Vidhalya Shabd Roop


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