जनक के शब्द रूप - janak shabd roop

जनक शब्द रूप अकारान्त जिन शब्दों के अन्त में – अकारांत (अ) ध्वनि सुनाई देती है वे शब्द अकारान्त शब्द होते हैं।

जनक अकारांत (पुल्लिंग) शब्द

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा जनक: जनकौ जनका:
द्वितीय जनकम् जनकौ जनकन्
तृतीय जनकेन जनकाभ्याम्   जनकै:
चतुर्थी जनकाय जनकाभ्याम् जनकेभ्य:
पंचमी जनकात् जनकाभ्याम् जनकेभ्य:
षष्ठी जनकस्य जनकयो: जनकानाम्
सप्तमी जनके जनकयो: जनकेषु
सम्बोधन  हे जनक! हे जनकौ! हे जनकौ!
 
ज्ञातव्य - इसी प्रकार 
 विद्यालय, छात्र, सूर्य, शिक्षक, खग, पर्वत आदि के रूप राम विभक्ति की तरह चलेंगे।

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